महिलाओं की योनि के प्रकार Different types of Vagina | लीजिए सम्पूर्ण जानकारी

आज तक आपने अभी तक पुरुषों के लिंग के आकार, रंग के सम्बन्ध में सुना तथा पढ़ा होगा पर क्या आप जानते हैं पुरुषों के Penis की तरह ही प्रत्येक स्त्री की योनि (Vagina) भी भिन्न भिन्न शेप, साइज एवं कलर की होती है। भारतीय समाज में स्त्री एवं पुरुष के प्राइवेट पार्ट्स के बारे में बात करना गलत माना जाता है। कामसूत्र ग्रंथ में भी बताया गया है कि स्त्रियों के जननांग उनके शरीर के आकार एवं बनावट पर निर्भर करते हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि स्त्रियों का मुख्य जननांग योनि (वजाइना) कहलाता है। प्रत्येक महिला की वेजाइना का आकार एक सा नहीं होता, वजाइना का साइज, रंग, शेप अलग होता है। महिलाओं की chut kitne prakar ki hoti hai इस संबंध में कई सारी अवधारणायें हैं। वजाइना की साइज के इस लेख में हम आपको विस्तार से मोस्ट कामन yoni ke prakar के बारे में जानकारी साझा करेंगे।

अधिकतर पुरुष का मानना होता है कि प्रत्येक स्त्री की योनि (बुर) एक समान होती है, उन्हें ज्ञान नहीं होता कि महिलाओं की बुर कितने प्रकार की होती (bur kitne prakar ke hote hain) है। जिस प्रकार पुरुष स्त्री की चूत के लिए कामुक होते हैं ठीक उसी प्रकार महिलांए भी पुरुषों के लिंग (लण्ड) के प्रकार को जानना चाहती हैं तथा Penis के लिए कामुक होती हैं। प्रत्येक महिला के स्तन, नितंब, हाथ, पैर, लम्बाई, रंग भिन्न भिन्न होती है उसी प्रकार स्त्री की योनि (वजाइना) का रंग, आकार तथा गहराई भिन्न भिन्न होती है।

महिलाओं की योनि कितने प्रकार की होती है?

आपके मन में आये प्रश्न चूत कितने प्रकार की होती है के विषय में आपने इंटरनेट पर काफी शोध करने के उपरान्त पाया होगा कि ज्यादातर विशेषज्ञ द्वारा योनि का वर्गीकरण रंग, आकार, बनावट के आधार पर किया है, जो केवल आपको महिला जननांग की बाह्य सतह की जानकारी को प्रदर्शित करता है। इसके अतिरिक्त कई विशेषज्ञ / सेक्स एक्सपर्ट द्वारा महिला की Vagina के प्रकार योनि की गंध, गहराई, तापमान, स्वाद, सम्भोग क्रिया, लम्बाई, चौडाई व अन्य कारकों के आधार पर किया है। इस प्रकार महिला जननांग विशेषज्ञ द्वारा महिला की योनि के कुल 9 प्रकार की बतायी हैं। विशेषज्ञो के अनुसार महिला की बुर का आतंरिक तापमान उसके अंदर की गर्मी को प्रदर्शित करता है। महिला की योनि की नमी उसकी गुणवत्ता को प्रदर्शित करती है।

vagina

  • The Deer Women

ऐसी योनि जो सामान्य योनि से शुष्क होती है परन्तु गर्म होती है, गहरी होती है तथा टेस्ट में खट्टापन होता है। मृग योनि कहलाती है। इस चूत का संभोग सुख प्राप्त कर लेने का समय 2 से 5 मिनट होता है।

  • The Fox Women

फॉक्स योनि का तापमान सामान्य होता है। यह स्वादहीन होती है तथा इस प्रकार की बुर की गहराई सामान्य से अधिक होती है।

  • The Dancing Women

यह योनि Most Common योनि टाइप है, अधिकांश महिलाओं की योनि इसी श्रेणी की रहती है। यह औसत गहराई, निष्क्रिय टेस्ट और नम होती है। इस टाइप की वजाइना वाली महिला को संभोग के समय क्लाइमेक्स तक पहुँचने में लगभग 40 मिनट औसतन लगता है।

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  • The Antelope Women

एण्टीलोप योनि वाली महिलाओं की योनि का आन्तरिक तापमान अधिक गर्म होता है जिस कारण इनकी योनि में नमी की कमी होती है तथा सामान्यतः सम्भोग करते समय ल्यूब की जरूर पडती है। 

  •  The Buffalo Women

बफैलो वजाइना को सभी अधिक बेहतरीन योनि माना जाता है। यह योनि बहुत ही शांत, नम तथा ताजा गंध वाली होती है। यह उथली व गहरी होती है तथा इस योनि के बडे भगोष्ठ (labia majora) इसे और अधिक इफेक्टिव बनाते हैं। इस चूत का स्वाद नमकीन होता है। सामान्यतः प्यार के पलों में क्लाइमेक्स तक पहुँचने में 15 से 20 मिनट लगते हैं।

  • The Cat Women

कैट योनि छोटी, साफ, खूबसूरत बनावट की सबसे अधिक डिमांडिग वजाइना है। यह मध्यम गहराई की बुर है, यह सबसे ब्यूटीफुल वजाइना की कैटेगरी में आती है परन्तु इस प्रकार की चूत महिलाओं में बहुत कम मिलती है।

  • The Sheep Women

शीप चूप बहुत गहरी, गीली तथा बहुत गर्म होती है। इसका स्वाद मीठा होता है और सेक्स के पलों में चरम सुख प्राप्ति में 15 से 20 मिनट लगता है।

  • The Wolf Women

बुल्फ योनि अन्य वजाइना टाइप के कम्पेअर में गर्म तथा नम होती है। इस योनि वाली महिलाओं को सेक्स तथा क्लाइमेक्स के समय भेडिये जैसी आवाज निकालने की आदत होती है। इस तरह की चूत वाली महिलाओं को अंतरंग पल के दौरान क्लाइमेक्स तक पहुँचने में 20 से 30 मिनट का समय लग जाता है।

कुछ विशेषज्ञ द्वारा अन्य कारकों के आधार पर chut kitne prakar ki hoti hai (चूत कितने प्रकार की होती है) के सम्बन्द में क्लासीफिकेशन किया है। जो निम्नवत है।

  • Bone Head Vagina (बोन हैड वजाइना)- इस प्रकार की चूत का प्रकार दुबली पतली लडकियों में अधिकतर पाया जाता है। यह योनि हड्डी युक्त तथा सकरी होती है। हड्डी युक्त योनि पुरुषों द्वारा अधिक पसंद की जाती है क्योंकि यह टाइट होती है, जिससे पुरुष को शारीरिक संबंध बनाते समय तथा स्त्री को योनि में उंगली करने में स्वर्गीय सुख की प्राप्ति होती है।
  • Fatty Lip Vagina (फैटी लिप वजाइना)- फैटी लिप वजाइना में लिप्स बडे तथा मोटे होते हैं। इस प्रकार की बुर बहुत ही मुलायम होती है और अधिकांश आदमियों की पहली पसंद होती है। फैटी लिप चूत को देखते ही अधिकांश पुरुषों को वजाइना को चूमने का मन करता है। मुलायम होने के कारण पुरुषों को फैटी लिप बुर चाटने में चरम सुख प्राप्त होता है। इस प्रकार की योनि वाली महिलाओं के साथ सेक्स करना आसान होता है।
  • Virginal Vagina (वर्जिनल वजाइना)- यदि किसी महिला की योनि बहुत अधिक टाइट (सख्त) है कि उसमें लिंग (लण्ड) घुसाना भी बहुत कठिन है तो यह चूत वर्जिनल वजाइना कैटेगरी में आयेगी। इस प्रकार की योनि पुरुष को अलग ही आनंद की प्राप्ति कराती है। इस योनि में आस पास की दीवार इतनी सख्त होती है कि पुरुष को लिंग घुसाने में भी कठिनाई होती है परन्तु लिंंग योनि में घुस जाने के बाद आपका पार्टनर पूर्ण रूप से उत्तेजित होकर संतुष्ट हो जाता है।
  • Expert Vagina (एक्सपर्ट वजाइना)- इस प्रकार की योनि का टेक्सचर तथा टाइटनेस कितना भी सेक्स करने के उपरान्त भी खत्म नहीं होती। इस प्रकार की योनि पुरुषों को इम्प्रेस और Sexual Arousal के लिए हमेशा तैयार रहती है तथा प्यार के पलों में कभी अपने पार्टनर को निराश नहीं करती। इस योनि की टाइटनेस की वजह से ही यह अधिकांश पुरुषों को पसंद आने वाली योनि है।
  • Peek-a-boo vagina (पीकबू वजाइना)- पिकाबू वैजाइना में Clitoris थोडा बाहर की ओर रहता है, चूँकि यह एक उत्तेजना वाला हिस्सा होता है अतः थोडा सा स्पर्श ही स्त्री को उत्तेजित कर देता है।

लंदन की बिकनी वैक्स एक्सपर्ट मिस मेल द्वारा महिलाओं के प्राइवेट पार्ट पर रिसर्च करने के उपरान्त महिलाओं के जननांगों को रंग, साइज के आधार पर वर्गीकृत किया। हम आपको इनके द्वारा वर्गीकृत की गई योनि के प्रकार (yoni ke prakar) की जानकारी साझा करेंगे।

1 दिन में कितनी बार करना चाहिए

  • मिस कर्टन (Ms. Curtains) – महिलाओं में पायी जाने वाली सभी योनियों के प्रकार में से सबसे आम प्रकार की योनि को मिस कर्टेन नाम दिया गया है। इस प्रकार की चूत में लेबिया मिनोरा लेबिया मेडा के बीच से बाहर निकलता है। देखने में किसी पर्दे की भांति दिखते हैं। इस प्रकार की बुर के लिप्स मोटे होने की वजह से साफ्ट होते हैं। इस प्रकार की योनि में बाल (झाट) बहुत कम होते हैं। इस कारण वजाइन सुंदर दिखती है।
  • मिस बार्बी (Ms. Barby) – वजाइना यह प्रकार सबसे ज्यादा प्रसिध्द है परन्तु यह मिस बार्बी प्रकार बहुत कम महिलाओं में पाया जाना चूत का प्रकार है। मुख्यतः यह योनि प्रकार दुबली पतली महिलाओं में पाया जाता है। इस योनि के प्रकार वाली महिलाओ में योनि के बाहरी हिस्से अंदर की ओर मुडे होते है यानी कि लेबिया मेनोरा लेबिया मेडा के अंदर होता है। इस प्रकार की योनि टाइट होती है। जिस कारण पुरुष लिंग के साथ साथ उंगली योनि में डालकर भरपूर मजा लेते हैं। आप विश्वास नहीं करेंगे कि कुछ महिलांए अपनी योनि का आपरेशन कराकर मिस बार्बी लुक प्राप्त कर लेती हैं तो कुछ अपनी योनि पर डिजाइन कराकर डिजाइनर वजाइना बनवाती हैं।
  • मिस ट्यूलिप (Ms. Tulip) – जिन महिलाओं की वजाइना के बाहरी कोने तथा बीच का हिस्सा निकला दिखाई देता है, ऐसी महिलाओं को मिस ट्यूलिप बोला गया है क्योंकि जिस प्रकार ट्यूलिप का फूल खिलने के पश्चात दिखाई देता है ठीक उसी प्रकार यह वजाइना दिखाई देती है। इस प्रकार की बुर में लेबिया मिनोरा लेबिया मेडा के बीच से थोडा सा ही बाहर निकला हुआ होता है। इसी कारण जब महिला के इस अंग को पुरुष स्पर्श करता है तो वह अधिक उत्तेजित होती हैं। इस प्रकार की योनि वाली महिला चूत के साथ स्पर्श होते ही सेक्स के लिए तैयार हो जाती हैं।
  • मिस हार्स शू (Miss Horse Shoe) – वजाइन का प्रकार मिस हार्स शू ऊपर से चौडा दिखाई देता है तथा अंदर से घोडे की नाल की तरह नैरो होता है। इस प्रकार की योनि का शकरापन तभी दिखता है जब यह वजाइना खुलती है। इस प्रकार की योनि पुरुषों को अधिक आकर्षित करती है क्योंकि हार्स शू योनि हमेशा तैयार तथा टाइट रहती है। इनकी बनावट भी आकर्षक एवं लुभावनी होती है। चँकि यह चूत सकरी होती है इसलिए बुढापे का असर भी इस पर धीरे धीरे आता है। इस बुर में लेबिया मिनोरा थोड़ा सा बाहर निकला हुआ दिखाई देता है क्योंकि ये अधिकतर लेबिया मेडा के अंदर ही होता है।
  • मिस पफ (Ms. Puff)- वजाइना के इस प्रकार को The Crown of Vagina के नाम से भी जाना जाता है। इस योनि का आकार मिस बार्बी वजाइना की तरह ही होता है।  वेजाइना के लिप्स (बाहरी भाग) प्यूबिक बोन के अंदर की तरफ होता है। इस प्रकार की योनि वर्टीकल लिप्स (होठ) की तरह दिखाई देती है। अन्य शब्दो में आप कह सकते हैं कि इस योनि का आकार संतरे की फांक की तरह उभरा हुआ होता है। उभरा होने के कारण ही इस टाइप पफ नाम दिया गया है। यह योनि बाहर से तो होठो की तरह दिखाई देती है परन्तु अंदर सकरी होती है। इस प्रकार की योनि वाली महिलाओं के उम्र तथा वजन का वजाइन पर असर कम दिखाई देता है। इस प्रकार की चूत वाली महिलांए अधिक कामुक होती है तथा पुरुषों को आकर्षित करती हैं। वैजाइना के इस प्रकार में लेबिया मिनोरा अच्छी तरह से अंदर होता है।
  • डब्ल्यू टाइप (W Type) – जैसा कि नाम से पता चल रहा है कि इस प्रकार योनि में वजाइना के बाहरी हिस्से अंग्रेजी अक्षर डब्ल्यू (W) जैसे दिखाई देते हैं। इस तरह की चूत प्रायः मोटी महिलाओं में देखने को मिलती है।
  • एथलीट वैजाइना (Athlete Vagina) – एथलीट टाइप चूत प्रायः लम्बी पतली महिलाओं में पायी जाती है। इस तरह की योनि लम्बी तथा अंदर की ओर दबी हुई होती है।
  • एन टाइप (N Type) – अंग्रेजी के लैटर N जैसी दिखने वाली वजाइना मुख्य तौर पर दक्षिण अफ्रीका तथा मैक्सिको की लडकियों में पायी जाती है। यह बुर काफी गहरी होती है तथा आइडल वजाइना मानी जाती है।
  • III टाइप (III Type) – तीन टाइप वेजाइना सेक्सी (कामुक) महलाओं में पायी जाती है। जिन महिलाओं की कमर का आकार ठीक तथा जांघे पतली होती हैं, उन महिलाओं में 3 टाइप चूत पायी जाती है।
  • बोनी वजाइना (Bony Vagina) – बोनी वजाइना को स्क्रैनी योनि भी कहा जाता है। चूत का यह प्रकार सबसे अधिक सकरा होता है तथा सेक्स संबंध बनाते समय अधिक कामुकता फील कराता है। चूत का प्रकार सामान्यतः पतली महिलाओं में पाया जाता है।

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योनि (Vagina) की संरचना

महिलाओं में बाह्य रूप से दिखने वाले जननांक को वैज्ञानिक भाषा में वुलवा (Vulva) कहा जाता है। वुलवा में लेबिया, क्लीटोरिस, योनि द्वार (Vaginal Opening), मूत्र मार्ग शामिल रहता है। वुलवा के प्रमुख भाग यह हैंः-

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  • लेबिया (Labia) – लाबिया या लेबिया आपके योनि द्वारा के आस पास स्किन फोल्ड हैं। लेबिया मेजोरा मांसल होते हैं और बाल से ढके होते हैं। जबकि लेबिया माइनोरा लेबिया मेजोरा के अंदर होते हैं। लेबिया आकार में छोटा, चिकना तथा झुर्रियों वाला या चिकना होता है तथा एक होठ दूसरे लेबिया मेजोरा की तुलना में दूसरे होठ लेबिया माइनोरा की तुलना लम्बा होता है। इसका रंग प्रायः गुलाबी से काला भूरा तक हो सकता है। कुछ एक स्त्रियों में लेबिया माइनोरा के कम्पैरीजन में लेबिया मेजोरा बडा होता है। महिलाओं में उत्तेजना के समय दोनो लेबिया सूज जाते हैं।
  • मोंस प्यूबिस (Mons Pubis) – यह महिलाओंं में वुलवा के ऊपर स्थित मांसल उभार है, जो बालों से ढक जाता है तथा प्यूबिक बोन को गूदेदार सहारा देता है।
  • क्लाइटोरिस (Clitoris) – प्रत्येक स्त्री की क्लिटोरिस का आकार भिन्न भिन्न हो सकता है। यह एक मोती के आकार से लेकर अंगूठे के आकार का भी हो सकता है। Clitoris की नोक वुलवा के ऊपरी हिस्से में मौजूद होती है। जहाँ वुलवा के भीतरी होठ आपस में मिलते हैं। इस क्लाइटोरिस नोक को क्लिटोरल हुड कवर करता है। यह स्पंजी ऊतक से बना होता है और यह महिलाओं के उत्तेजित होने पर उत्तेजित हो जाते है तथा आनन्द प्रदान करते हैं।
  • योनि द्वार (Vagina) – स्त्रियों में मूत्र मार्ग से नीच स्थित होल योनि द्वार कहलाता है। वजाइना एक नली है जो वुलवा को गर्भाशय ग्रीवा तथा गर्भाशय से जोडती है। मासिक चक्र के दौरान योनि द्वार के माध्यम से ही शरीर की गंदगी रक्त के माध्यम से बाहर निकलती है तथा महिलाओं में गर्भ धारण भी वजाइना के माध्यम से ही होता है साथ ही बच्चा भी इसी मार्ग के माध्यम से पृथ्वी पर कदम रखता है। चूत / बुर के द्वारा ही मेस्टरबेशन करते समय स्त्रियाँ अपनी योनि में सेक्स टोय, उंगली, तथा सेक्स करते समय लिंग तथा पीरिएडस के समय मेन्सट्रूअल कप / टैम्पोन डालती हैं। योनि की औसत लम्बाई 3 से 4 इंच होती है।
  • मूत्र मार्ग (Urethral Opening) – यह योनि के ऊपर तथा क्लिटोरिस के नीचे मौजूद एक छोटा सा छेद (द्वार) होता है, जिसका प्रयोग महिलाओं द्वारा मूत्र विसर्जन में किया जाता है।
  • गुदा (Anus)- गुदा (बट होल) आपके मलाशय का द्वार है। इसका प्रयोग शरीर से मल के रूप में गंदगी निकालना होता है। एनस में भी बहुत से संवेदनशील तंत्रिका होती हैं इसलिए कुछ महिलाओं को गुदा सेक्स से यौन सुख प्राप्त होता है।
  • हाइमन (Hymen) – हाइमन (योनि की झिल्ली) वजाइन के पास उतकों से बनी एक पतली, मुलायम झिल्ली होती है। जब महिलांए पहली बार अपनी योनि में कुछ डालती हैं या साइकिल या अन्य शारीरिक क्रिया करती हैं तो यह झिल्ली फट जाती है तथा रक्त स्त्राव होता है। अधिकांश पुरुष का मानना है कि झिल्ली का पहली बार सेक्स करना वर्जिनिटी का प्रमाण होता है परन्तु ऐसा कदापि नहीं है। हाइमन फटने के अन्य कारण भी हो सकते हैं।
  • जी स्पॉट (G Spot) – ग्रैफेनबर्ग स्पॉट या जी स्पाट वजाइना के अंदर महिलाओं में नेवल पांइट की तरफ होता है। जी स्पाट को ढूंढना आसान नहीं होता है परन्तु यह योनि के कुछ इंच अंदर पेडू की तरफ स्थित होता है। महिलाए जब उत्तेजित होती है तो जी स्पाट में सूजन आ जाती है कुछ महिलाओं को अपने जी स्पाट को स्पर्श कराने में आनन्द की अनुभूति प्राप्त होती है।

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महिलाए अपनी योनि सम्बन्धी समस्याओं के उपचार हेतु नित व्यायाम करे तथा व्यायाम कीगल एक्सरसाइज अवश्य प्रयोग करें। प्रत्येक महिला की वजाइना की गंध उसकी वजाइना के बैक्टीरिया एवं यीस्ट पर निर्भर करती है। यह गंध महिला के पीरिएड्स, महिला की हैल्थ, तेल तथा साबुन के कारण बदल सकती है। यदि महिला की योनि से दुर्गंध आ रही है तो डाक्टर को अवश्य दिखायें। योनि के रंग के विषय में भी विभिन्नता देखने को मिलती है भारत में मुख्यतः वुलवा का रंग काला होता है तथा सेक्स के समय वुलवा के अंदर स्थित पार्ट्स बैंगनी दिखाई पडते हैं। महिला की योनि का सम्पूर्ण विवरण हमने आपको इस लेख में बता दिया है। यदि अभी भी आपको कुछ प्रश्न का जवाब नहीं मिला है तो कृपया अपने प्रश्न कमेंट बाक्स में छोड दें, हम आपको उत्तर देने की पूरी कोशिश करेंगे।

 

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