लिवर का रामबाण इलाज- लिवर को स्ट्रांग बनाने की दवा

लीवर मनु मानव शरीर का एक अभिन्न अंग है। जिसे यकृत भी कहते हैं। इसका का मुख्य कार्य चयापचय क्रिया में डिटॉक्सिफाई करना होता है। लीवर पाचन क्रिया में प्रयुक्त इंजॉय एवं प्रोटीन संश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण होता है। लीवर शरीर से हानिकारक और विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह विटामिन, वसा जैसे अन्य पोषक तत्वों को पचाने में मदद करता है। खाने को पचाने के लिए पित्त और एंजाइम का उत्पादन भी लीवर ही करता है। एक स्वस्थ्य जीवन के लिए लीवर का सही तरीके से काम करना बेहद जरूरी है। लिवर की खराबी हो जाने के कारण शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों से ग्रसित हो जाता है। आज हम आपको विभिन्न विधियों द्वारा लिवर का रामबाण इलाजके बारे में बताएंगे जिससे आप लीवर की कमी के कारण होने वाली शारीरिक बीमारियों से बचे रहें और स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकें।

लीवर क्या है

लीवर क्या है

लीवर मानव शरीर का एक अभिन्न अंग है। जिसे यकृत  नाम से भी जाना जाता है। लीवर शरीर का एक अंग है जो केवल कशेरुकी प्राणियों में पाया जाता है। लिवर पेट में दाहिनी ओर ऊपर पसलियों के अंदर होता है। इसके पास ही डायफ्रॉम होता है जो सीना और पेट का अलग करता है। लिवर का औसत वजन एक से 1.25 किग्रा होता है। इसका मुख्य काम पाचन और शरीर की सुरक्षा है। इसका कार्य विभिन्न चयापचयों को detoxify करना, प्रोटीन को संश्लेषित करना, और पाचन के लिए आवश्यक जैव रासायनिक बनाना है। यह विभिन्न प्रकार के इंजनों का निर्माण कर के पाचन क्रिया में भाग लेता है जिससे हमारे शरीर को पोषण मिलता है। 

लीवर के प्रमुख कार्य

कार्य

  • लीवर पाचन क्रिया मैं सहायक होता है।
  • यह शरीर में भोजन पचाने का कार्य करता है। 
  • लेकर पित्त बनाने का काम करता है।
  • लिवर शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार करता है। 
  • ब्लड शुगर को कंट्रोल  करता है।
  • शरीर से विषैले पदार्थो को बाहर निकालने का कार्य करता है।
  •  फैट को कम करने और शरीर को मोटापा से बचाता है।
  • कार्बोहाइड्रेट को स्टोर करने से लेकर प्रोटीन बनाने में मदद करता है।
  •  लिवर पूरे शरीर को डिटॉक्स करता है।

लिवर खराब होने के लक्षण

ख़राब लीवर के लक्षण

मानव शरीर में लीवर जब विभिन्न कारणों से खराब हो जाता है तो उसके निम्न लक्षण दिखने लगते हैं

  • शरीर कमजोर हो जाता है।
  • भूख  नहीं लगती है।
  •  शरीर थका थका महसूस  करता है।
  •  नींद नींद नहीं आती है।
  • शरीर में बेचैनी महसूस करते हैं।
  • शरीर का वजन का तेजी से घटता है।
  • पीलिया पीलिया रोग हो जाता है।
  • बार बार डायरिया होने लगता है।
  •  यूरिन का रंग डार्क हो जाता है।
  • पेट के राइट साइड में ऊपर की तरफ दर्द होता है।

लिवर खराब होने के कारण

  • मोटापा, शुगर और किसी दवा के साइड इफेक्ट होने से fatty liver की समस्या आ सकती है।
  • हेपेटाइटिस, कैंसर व शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों की वजह से लिवर में इन्फेक्शन, सूजन और गर्मी के लक्षण दिखते है।
  • दर्द दूर करने वाली मेडिसिन के अधिक सेवन से लिवर को नुकसान होता है।
  • लिवर की खराबी का एक बड़ा कारण धूम्रपान करना और शराब पीना भी है। इनका सेवन अधिक करने से लीवर कैंसर तक हो सकता है।
  • हेपेटाइटिस सी और बी liver cancer होने का एक बड़ा कारण है।
  • खाने और पीने में लापरवाही और फास्ट फूड ज्यादा खाने से भी लिवर के रोग होते है।

लिवर का रामबाण इलाज

लीवर के इलाज के लिए निम्नलिखित विधियों का प्रयोग किया जा सकता है, जिससे लीवर को किसी भी प्रकार की अन्य समस्या नहीं होती हैं

  • लीवर की आयुर्वेदिक दवा
  • फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा
  • लिवर का रामबाण इलाज के लिए व्यायाम
  • लिवर को स्ट्रांग बनाने की घरेलू विधि

लीवर की आयुर्वेदिक दवा या लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि

पतंजलि एक भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान है जिसमें दिव्य फार्मेसी द्वारा सभी प्रकार के आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण किया जाता है इन दवाओं का निर्माण आयुर्वेदिक पदार्थों की सहायता से प्राचीन वेदों के अध्ययन द्वारा किया जाता है यदि आप किसी भी तरह की लीवर की समस्या से पीड़ित हैं तो आप आयुर्वेदिक विधि द्वारा लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि आयुर्वेद संस्थान से कर सकते हैं या इसके द्वारा बनाए गए दवा द्वारा किया जा सकता है ।

  • पतंजलि लिव डी 38 (Patanjali Liv D 38)
  • लिवोग्रिट टैबलेट
  • Himalaya Liv.52 सिरप 
पतंजलि लिव डी 38 (Patanjali Liv D 38)

पतंजलि लिव d38  पतंजलि आयुर्वेद द्वारा निर्मित आयुर्वेदिक औषधि है जो लीवर की सभी समस्याओं में काम आती है। यह लीवर की आयुर्वेदिक दवा है जिसका निर्माण दिव्य फार्मेसी द्वारा किया गया है। यह लीवर रोगों के लिए उपलब्ध अच्छी दवाई हो सकती है। यह सभी प्रकार के लीवर रोगों में प्रयोग की जा सकती है। यह लीवर फंक्शन को ठीक करने में उपयोगी हो सकती है। यह लीवर की रक्षा करने वाली दवाई है। यह एक लीवर टॉनिक है। पतंजलि लिव डी 38  का उपयोग  अन्य बीमारियों में भी किया जा सकता है जैसे फैटी लीवर fatty liver, हेपेटाइटिस hepatitis, भूख नहीं लगना loss of appetite,खून की कमी Anemia,पीलिया Jaundice आदि।

पतंजलि लिव डी 38

पतंजलि लिव डी 38 की उपयोग विधि
  • 2 गोली, दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • सात साल से कम उम्र के बच्चों को 1/2 गोली दी जा सकती है।
  • 2 चम्मच दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • सात साल से कम उम्र के बच्चों को 1/2 चम्मच की मात्रा में सिरप दे सकते हैं।
  • पतंजलि लिव डी 38 का उपयोग अच्छे रिजल्ट के लिए डॉक्टर  से सलाह लेकर ही करें। 
लिव अमृत टैबलेट व सिरप

पतंजलि द्वारा निर्मित लिव अमृत टेबलेट व सिरप बहुत उपयोगी औषधि है या लीवर का विकारों को नष्ट करके लिवर को स्वस्थ बनाते हैं जिससे लिवर फंक्शन पूर्णता सही तरीके से काम करते हैं और शरीर स्वस्थ रहता है लिव अमृत सिरप लीवर के साथ-साथ अन्य बीमारियों को भी ठीक करती है जैसे सिरप लिवर को स्वस्थ बनती है, एनीमिया की समस्या ठीक करती है,भूख न लगने की परेशानी ठीक करती है, पीलिया को खत्म करती है, हेपेटाइटिस की समस्या को खत्म करती है।

लिव अमृत टेबलेट व सिरप

लिव अमृत टैबलेट व सिरप उपयोग
  • लीवर टेबलेट को दिन में दो बार लेना चाहिए। 
  • लीवर अमृत टेबलेट का प्रयोग रात को सोते समय और सुबह खाली पेट करना चाहिए।
  •  टेबलेट की जगह पर आप सिरप का भी प्रयोग कर सकते हैं।
  •  सिरप की एक चम्मच मात्रा दिन में दो बार लेनी चाहिए।
Himalaya Liv.52 सिरप 

लिव-52 हिमालय फार्मेसी की एक अद्भुत आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रयोग लिवर फंक्शन ओं के लिए किया जाता है हिमालया लिव-52 सिरप फॉर टेबलेट दोनों ही लीवर से संबंधित रोगों के लिए कारगर साबित हुए हैं हिमालया लिव-52 के दैनिक प्रयोग से लिवर फंक्शन प्रॉपर काम करते हैं और लीवर स्वस्थ रहता है जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है प्ले 52 के दैनिक प्रयोग से लीवर में फैट जमा नहीं हो पाता और लीवर में आदि का निर्माण सामान्य स्थिति में बना रहता है जिससे  पाचन क्रिया में आसानी होती है।

Himalaya Liv.52 सिरप 

  हिमालया लिव-52 का उपयोग
  •  हिमालया लिव-52 की एक गोली सुबह और शाम ले सकते हैं।
  •  हिमालया लिव-52 सिरप का उपयोग करने के लिए एक चम्मच सिर्फ सुबह और शाम लिया जा सकता है।
  •  हिमालया लिव-52 की रात को सोते समय और सुबह नाश्ते के बाद लेनी चाहिए।
  •  समस्या अधिक है तो आप हमारा लिव-52 सिरप और टेबलेट दोनों का प्रयोग कर सकते हैं।

फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा

नीचे कुछ एलोपैथिक अंग्रेजी दवाइयों के नाम दिए गए हैं जिन्हें फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा भी कहा जाता है। यह दवाइयां आपको लगभग लगभग आपके क्षेत्र में सभी मेडिकल स्टोर में मिल जाएंगे इनके प्रयोग से आप लीवर की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। लेकिन इनका प्रयोग अपने डॉक्टर की सलाह से ही करें यदि आपको कोई लीवर की समस्या है तो जाकर क्या आप अपने डॉक्टर से मिले और उनके परामर्श के अनुसार ही आप की दवा का प्रयोग करें अपने लीवर के फिटिंग समस्या से अभिषेक छुटकारा पाएंगे। 

  • Lamivudine
  • Metadoxine
  • Methionine
  • Tenofovir
  • Ursodeoxycholic Acid
  • Silymarin
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लिवर का रामबाण इलाज के लिए व्यायाम 

यदि आप लीवर की किसी भी समस्या से परेशान हैं, तो आप लीवर की आयुर्वेदिक एवं एलोपैथिक दवाओं के साथ-साथ यदि कुछ व्यायाम व योग करते हैं, तो लीवर की समस्या से आपका से छुटकारा पा सकते हैं क्योंकि व्यायाम करने से शरीर स्वस्थ रहता है और शरीर की इम्युनिटी शक्ति बढ़ती है जिससे शरीर लिवर की बीमारी से लड़ने के लिए शक्ति प्राप्त करता है इसलिए फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा व लीवर के आयुर्वेदिक दवा के साथ-साथ व्यायाम अति आवश्यक है। इससे हमारा लिवर फंक्शन सामान्य स्तर पर काम करते रहते हैं अतः लीवर के समस्याओं से बचने के लिए हमें दैनिक व्यायाम करना चाहिए।

 लीवर की समस्या से बचने के लिए निम्नलिखित बयान कर सकते हैं

  • ताड़ासन
  • मंडूकासन
  • योगमुद्रासन
  • शशकासन
  • कपाल भाति
  • धनुरासन

लिवर को स्ट्रांग बनाने की घरेलू विधि

मानव लीवर शरीर का एक अभिन्न अंग है, इसलिए एक से स्वस्थ रखना हमारी एक जिम्मेदारी है यदि मानव लीवर स्वस्थ नहीं रहेगा हमारी पाचन क्रिया प्रभावित हो जाएगी, और विभिन्न प्रकार के हार्मोन का स्राव बंद हो जाएगा, और पित्ताशय में पित्त का बनना भी बंद हो जाएगा, जिससे हमारा शरीर अस्त व्यस्त हो जाएगा और हम विभिन्न प्रकार के रोगों से ग्रसित हो जाएगा मानव लिवर को स्वस्थ रखने के लिए हम उचित खानपान का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित पदार्थों का प्रयोग भी कर सकते हैं

  • पपीता
  • चुकंदर 
  • हल्दी
  • पालक
  • कॉफी
  • ग्रीन टी
  • लहसुन
पपीता

लीवर के लिए पपीता बहुत ही फायदेमंद होता है पपीता पेट के समस्त बीमारियों के लिए एक अच्छा भोज पदार्थ है जिसको हम नियमित प्रयोग करके लीवर पर होने वाली विभिन्न बीमारियों से बच सकते हैं पपीता लीवर के सिरोसिस में काफी फायदेमंद होता है पपीता के नियमित प्रयोग से आप लीवर में होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाया जा सकता है पपीता में विटामिन सी और विटामिन यह होता है, अतः इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को विभिन्न रोगों से लड़ने में सहायक होते हैं

लीवरऔर पपीता

 पपीता की उपयोग  विधि
  • पपीता का नियमित सुबह और शाम सेवन करना चाहिए
  •  पपीता का प्रयोग नींबू के रस के साथ करना चाहिए
  •  पपीता का प्रयोग आप नमक के साथ भी कर सकते हैं 
  • पपीता का प्रयोग रात को खाने के बाद नहीं करना चाहिए इसका प्रयोग पहले कर लेना चाहिए।
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लिवर को स्ट्रांग बनाने की दवा है चुकंदर

चुकंदर का प्रयोग आमतौर पर वजन घटाने के लिए किया जाता है, लेकिन यह लीवर के लिए बहुत ही गुणकारी होता है चुकंदर में डिटॉक्सिफाई के गुण होते हैं जो लीवर को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं और लीवर में सूजन को कम करते हैं करते हैं इसके अलावा चुकंदर का यह  यह गुण डिटॉक्सिफिकेशन एंजाइम को बढ़ाने में मदद करता है जिससे लीवर स्वस्थ रहता है और लीवर के स्वस्थ होने के कारण हमारा शरीर भी स्वस्थ रहता है अतः आप भी यदि लीवर की बीमारियों से बचना चाहते हैं तो चुकंदर का प्रयोग कर सकते हैं

चुकंदर के फायदे

लिवर को स्ट्रांग बनाने के लिए चुकंदर का उपयोग
  • चुकंदर का उपयोग सुबह खाली पेट करना चाहिए
  • चुकंदर का प्रयोग आप जूस के रूप में भी कर सकते हैं
  •  चुकंदर के साथ आप अन्य सब्जियों को भी सलाद के रूप में ले सकते हैं
  • चुकंदर का प्रयोग सुबह बासी मुंह करना चाहिए जिससे शरीर चुकंदर में उपस्थित प्रोटीन विटामिंस एवं एंटीऑक्सीडेंट गुणों को अवशोषित कर लेता है
 लिवर को स्ट्रांग बनाने की दवा है हल्दी

हल्दी हर भारतीय घरों में मिलने वाला एक प्रकार का मसाला है, जो सब्जियों में प्रयोग किया जाता है। सब्जियों के अलावा हल्दी का प्रयोग विभिन्न प्रकार की औषधियां बनाने में किया जाता है। हल्दी में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट एंटीसेप्टिक एवं शरीर की इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाने वाले लक्षण पाए जाते हैं। यह आयुर्वेदिक औषधीय गुणों से पूर्ण होता है। यह हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने के लिए तैयार करता है तथा बाहरी संक्रमण से बचाता है।

हल्दी करे लीवर को सही

लीवर के रामबाण इलाज के लिए हल्दी का उपयोग
  • हल्दी का उपयोग पानी के साथ किया जा सकता है
  •  एक गिलास गुनगुने पानी में दो चम्मच हल्दी डालकर घोल बना लें और इसका सेवन सुबह शाम करें
  •  एक गिलास दूध में एक चम्मच हल्दी को डालकर गर्म करें और इसका सेवन नियमित रूप से करें
  •  शहद के साथ हल्दी मिक्स करके इसका प्रयोग सुबह-शाम नियमित रूप से करें
पालक बनाती है लीवर को निरोग

पालक विटामिन ए से भरपूर हरे पत्तेदार साग होता है जिसका प्रयोग खाने में किया जाता है पालक में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है पालक में उपस्थित सोडियम शरीर में पोटेशियम की मात्रा को कम करता है जो रक्त तंत्रिकाओं के तनाव को कम करते हैं जिससे हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या से निजात मिलती है यदि आप पेट की समस्याओं से जूझ रहे हैं तो नियमित पालक का सेवन करें निश्चित रूप से ही आपको फायदा मिलेगा पालक लीवर के लिए एक रामबाण औषधि है जिससे लिवर का रामबाण इलाज किया जा सकता है

पालक है लीवर में उपयोगी

लीवर के इलाज में पालक का उपयोग
  • पालक के उपयोग के लिए नियमित आप इसे सलाद में ले सकते हैं
  • पालक को आप सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं
  • पालक को जूस बनाकर भी पिया जा सकता है
  • पालक का प्रयोग अन्य सब्जियों के साथ मिक्स करके भी बनाया जा सकता है
  • पालक का नियमित सेवन यदि आप सौ ग्राम करते हैं तो उससे हमें 23 कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है
कॉफी

कॉफी के नियमित प्रयोग से आप लीवर के समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं यदि आप नियमित रूप से कॉफी का प्रयोग करते हैं तो कॉपी में उपस्थित कार्बोहाइड्रेट्स लिपिड नाइट्रोजन योगिक निकोटिक यौगिक पोटैशियम मैग्नीशियम आदि तत्व होते हैं यह सभी तत्व लीवर से फैट को कम करते हैं जिससे लीवर के आसपास फैट जमा नहीं हो पाता है और लीवर अपना कार्य सुगमता से करता रहता है लीवर के साथ-साथ कॉफी के अनेक फायदे हैं कॉफी पीने से नींद नहीं आती है,शरीर में अलर्टनेस आ जाती है और दिमाग बेहतर तरीके से काम करने लगता है

कॉफी

कॉफी से पा सकते हैं आप फैटी लीवर से छुटकारा
  • कॉफी का प्रयोग नियमित सुबह शाम करना चाहिए
  •  कॉफी का प्रयोग आप दूध के साथ भी कर सकते हैं
  •  कॉफी से बने अन्य पदार्थों का प्रयोग भी कर सकते हैं 
  • कॉपी में उपस्थित कॉफिन शुगर जैसी बीमारियों से भी बचा सकती है
ग्रीन टी

ग्रीन टी शरीर के लिए बहुत ही फायदे युक्त वस्तु है यह शरीर से फैट को एवं विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकाल देती है जिससे शरीर में विषाक्त पदार्थ नहीं जमा हो पाते हैं ग्रीन टी इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाती है जो शरीर को विभिन्न रोगों से लड़ने की क्षमता प्राप्त होती है सामान्य लोगों की तुलना में जो लोग ग्रीन टी पीते हैं उनका लिवर सामान्य लोगों के लीवर से ज्यादा स्वस्थ होता है ग्रीन टी शरीर से कोलेस्ट्रोल को कम करती है और मस्तिष्क से स्ट्रेस को कम करती है, जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है यदि आप लीवर की अनेक समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो नियमित ग्रीन टी का सेवन करें

ग्रीन टी शरीर के लिए बहुत ही फायदे

औषधीय ग्रीन टी के उपयोग
  • गर्म पानी नींबू और ग्रीन टी को मिलाकर शहद के साथ सेवन करना चाहिए
  • ग्रीन टी का उपयोग दिन में शाम को नाश्ते से पहले करना चाहिए सुबह ग्रीन टी का प्रयोग नहीं करना चाहिए
  • फैटी लीवर से फैट को खत्म करने के लिए दिन में तीन बार ग्रीन टी पीना चाहिए 
  • लीवर की समस्या में लगभग 20 दिनों तक लगातार ग्रीन टी का प्रयोग करना चाहिए
लहसुन

लहसुन हमारे घर में उपलब्ध एक ही बहुत आयुर्वेदिक औषधि वाला तत्व है। लहसुन में उपस्थित एलिसियन शरीर को डिटॉक्स करने का काम करता है इसके अलावा इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट एंटीबायोटिक एवं एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं यह तत्व लीवर को साफ़ में मजबूत रखते हैं इससे हमारा लेकर स्वस्थ रहता है लीवर की विभिन्न बीमारियों से बचने के लिए हमें नियमित लहसुन का प्रयोग करना चाहिए जिससे हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती और हमारा शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने में सहायक होता है।

हसुन हमारे घर में उपलब्ध एक ही बहुत आयुर्वेदिक औषधि

लहसुन का लीवर की समस्या में असरदार उपयोग
  • लहसुन का प्रयोग सब्जियों में नियमित रूप से करना चाहिए।
  •  लहसुन का प्रयोग दाल में भी किया जा सकता है।
  •  लहसुन के पाउडर का प्रयोग पानी के साथ किया जा सकता है।
  •  लहसुन से बनी चटनी का प्रयोग खाने में किया जा सकता है। लहसुन का प्रयोग शीघ्रपतन के उपचार में किया जाता है।
  •  लहसुन के दो से तीन कलियां रात को सोते समय खाई जा सकती हैं उनका प्रयोग भूनकर और कच्चा किया जा सकता है।

जिस प्रकार हम जानते हैं, कि मानव शरीर का अभिन्न अंग होता है, जो बहुत सारी चयापचय क्रियाओं को संचालित करता है। यह के निर्माण में भी सहायक होता है तथा भोजन को पचाने में सहयोग करता है यदि हमारा लीवर खराब रहता है तो हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार के रोग हो जाते हैं जिससे हमारे शरीर का विकास रुक जाता है इस लेख में हम लिवर का रामबाण इलाज के बारे में जानकारी दी है जिसमें फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा,लीवर की आयुर्वेदिक दवा तथा कुछ patanjali liver medicine का वर्णन किया है जिनसे  लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि आयुर्वेद द्वारा किया जा सकता है आशा है कि आप उनका ध्यान करके  आप लीवर की सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। 

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