दाद को जड़ से खत्म करने की दवा भयंकर दाद खाज की दवा

दाद शरीर पर खुजली के कारण होने वाले लाल सफेद  घेरे नुमा एक संरचना होती है, यह संरचना शरीर पर फंगस के इंफेक्शन से होती है। फंगस इंफेक्शन गीले कपड़े पहनने से व पहले से प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आने से हो जाता है, यह इंफेक्शन फंगल इंफेक्शन कहलाता है। आज हम आपको दाद को जड़ से खत्म करने की दवा के बारे में बताएंगे और यह कैसे फैलता है इसकी भी जानकारी दी जाएगी।

पुराने से पुराने दाद को ख़त्म करे

दाद शरीर के कोमल अंगों पर अत्यधिक प्रभावी होता है। यह शिंगल्ज वायरस के संक्रमण से होने वाला रोग है। जिसमें प्रभावित अंग पर अत्यधिक खुजली होती है, और कुछ समय बाद वहां पर लाल रंग के घेरे बन जाते हैं। लाल घेरों  के कारण इसे रिंग वार्म भी कहते हैं।  दाद मुख्यतः ऐसे स्थानों पर होता है, जहां पर नमी बनी रहती है। यह जननांगों, जांघों, बगल, व सर में हो सकता है। दाद खुजली ऐसी होती है, जो बढ़ती है। दाद खुजली उन जगहों पर होती जहां पर पसीना बहुत ज्यादा आता है, और हवा नहीं लगती।

दाद के प्रकार

दाद मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं-

  • सूखा दाद।
  • गीला दाद।

दाद के लक्षण

 दाद शरीर पर खुजली के कारण होने वाली एक बीमारी है, जिसके निम्नलिखित लक्षण होते हैं-

  • प्रभावित अंग पर अत्यधिक खुजली होती है।
  •  प्रभावित अंग की त्वचा लाल हो जाती है।
  •  प्रभावित अंग पर कुछ समय बाद लाल रंग के कुछ गहरे घेरे दिखाई देते हैं।
  •  प्रभावित अंग पर कुछ समय बाद छोटे छोटे दाने पड़ जाते हैं तथा उनमें पस भर जाती है।

दाद के मुख्य कारण

  • शरीर में हमेशा नमी रहने के कारण।
  •  प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होने के कारण।
  •  अत्यधिक पसीना आने के कारण ।
  • किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के कारण।
  • अत्यधिक टाइट कपड़े पहनने के कारण।

दाद को जड़ से खत्म करने के कुछ आयुर्वेदिक उपाय

दाद एक प्रकार का फंगस है, इसको शरीर पर फैलने से रोकने के लिए सबसे पहले शरीर का स्वस्थ होना बहुत आवश्यक है। यदि हमारे  शरीर का  प्रतिरक्षा तंत्र या इम्यूनिटी सिस्टम  कमजोर है तो फंगस का असर हमारे शरीर पर अतिशीघ्र होता है, यदि हमारे शरीर पर कहीं भी नमी अधिक देर तक रहती है, तो उस जगह पर फंगस का प्रभाव कुछ समय बाद होने लगता है यदि हमारा ही इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत है तो फंगस का प्रभाव नहीं होने पाता है  अतः दाद से बचने के लिए हमें फंगस को रोकना होगा इसके लिए हम निम्नलिखित औषधियों का प्रयोग कर सकते हैं

  •  आयुर्वेदिक औषधियां।
  •  होम्योपैथिक दवाइयां।
  • अंग्रेजी दवाइयां व टेबलेट। 
  • Daad ki cream.

आयुर्वेदिक औषधियां

भारतीय चिकित्सा में आयुर्वेदिक चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण योगदान है।  भारतीय चिकित्सा आयुर्वेदिक विधि से विभिन्न पदार्थों द्वारा जिनमें आयुर्वेदिक गुण पाए जाते हैं, विभिन्न बीमारियों का इलाज करता आ रहा है, अतः आज हम आयुर्वेदिक विधि से दाद को जड़ से खत्म करने की दवा के बारे में जानेंगे।  

त्रिफला

त्रिफला आंवला, हरण, व बहेड़ा का मिश्रण होता है इसमें आंवला, हरड़, बहेड़ा सामान्य मात्रा में मिले होते हैं।  इन तीनों को पीसकर एक चूर्ण बनाया जाता है, जिसे त्रिफला चूर्ण कहा जाता है।  त्रिफला चूर्ण से शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत हो जाता है, जिससे शरीर पर किसी फंगस का प्रभाव नहीं होता है इसके नियमित सेवन से दाद को जड़ से खत्म किया जा सकता है।  त्रिफला चूर्ण बाजार में विभिन्न ब्रांड का पैकेट उपलब्ध है। 

दाद की रामबाण दवा त्रिफला चूर्ण

हल्दी

हल्दी में आयुर्वेदिक के औषधीय गुणों का भंडार होता है।  हल्दी में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल  दोनों गुण पाए जाते हैं।  हल्दी इम्यूनिटी सिस्टम को भी स्ट्रांग बनाता है।  त्वचा पर दाद से बचने के लिए हल्दी के पाउडर को सरसों या बादाम के तेल या चंदन के तेल में मिलाकर लगाने से दाद समाप्त हो जाता है।  और त्वचा पहले जैसी हो जाती है। दाद से बचने के लिए हल्दी का प्रयोग करना चाहिए।  हल्दी का प्रयोग हम रात को सोते समय दूध के साथ भी कर सकते हैं इससे शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है। 

त्वचा रोग मे हल्दी का करें उपयोग

सेब का सिरका 

सेब के सिरके में भी एंटीफंगल गुड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।  सेब के सिरके द्वारा दाद को ठीक किया जा सकता है।  सेब के सिरके को कॉटन से प्रभावित अंग पर लगाने से दाद बहुत जल्दी ठीक हो जाता है।  सेब के सिरके का प्रयोग दाद से प्रभावित अंग पर दिन में तीन से चार बार करना चाहिए। 

दाद मे लाभकारी सेब सिरका

नींबू 

नींबू में अम्लीय गुण होते हैं। अम्लीय गुण होने के कारण नींबू शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है।  नींबू के रस के प्रयोग से दाद जैसी फंगल इंफेक्शन से होने वाली बीमारी से बचा जा सकता है।  दाद से बचने के लिए नींबू को प्रभावित स्थान को थोड़ा सा खुजला, उसमें नींबू का रस लगाएं यह प्रक्रिया दिन में तीन से चार बार दो रानी चाहिए जिससे दाद अतिशीघ्र समाप्त हो जाता है।  दाद से बचने के लिए नींबू का प्रयोग खाने में भी किया जा सकता है। 

दाद खाज मे असर दार नींबू

नीम के पत्ते व नीम तेल

नीम के पत्ते तथा  नीम का तेल दोनों ही दाद के इलाज में प्रयोग किए जाने वाले आयुर्वेदिक औषधीय गुणों से भरपूर होता है।  नीम का तेल नीम के पेड़ के फलों के बीज से तैयार किया जाता है, जो एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल वह एंटीसेप्टिक होता है।  इसका  उपयोग करने के लिए प्रभावित स्थान पर तेल  का लेप लगाया जाता है।  प्रभावित स्थान को थोड़ा सा खुजली करके तेल लगाने से अति शीघ्र लाभ होता है।  यदि तेल उपलब्ध ना हो तो नीम के हरे पत्तों को पीस कर प्रभावित स्थान पर उसके पेस्ट का प्रयोग कर सकते हैं, यह भी तेल जितना ही असरदार होता है। 

नीम के अनेक फायदे 

अजवाइन

अजवाइन दाद के लिए बहुत ही उपयोगीआयुर्वेदिक औषधि है। अजवाइन के प्रयोग से दाद को अतिशीघ्र खत्म किया जा सकता है।  अजवाइन में एंटीफंगल व एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं।  अजवाइन इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है। अजवाइन के प्रयोग के लिए अजवाइन को पानी में भिगो लें और उस पानी से प्रभावित क्षेत्र को धो लें तथा भीगे हुए अजवाइन को पीसकर एक लेप बना लें और उसका प्रयोग प्रभावित क्षेत्र पर करें  दाद की समस्या अति शीघ्र समाप्त हो जाएगी अजवाइन अति प्रभावकारी दाद की दवा है । 

चर्म रोग की दवा

गिलोय रस

जैसा कि हम जानते हैं, कि दाद की बीमारी पित्त की वृद्धि के कारण होती है, तथा रक्त में धातुओं की वृद्धि हो जाने के कारण होती है।  गिलोय रस का नियमित सेवन करने से लिवर फंक्शन सही हो जाता है, जिससे पित्त की मात्रा संतुलित हो जाती है तथा रक्त  मैं उपस्थित धातुओं की मात्रा सामान्य हो जाती है।  रोगी को गिलोय रस का प्रयोग सुबह शाम नियमित रूप से करना चाहिए। गिलोय रक्त को शुद्ध करके दाद एवं चर्म रोग को समाप्त कर देता है।  गिलोय के पौधे से रस निकाल कर उस को प्रभावित स्थान पर लगाने से दाद की समस्या अति शीघ्र से समाप्त हो जाती है। 

गिलोय के फ़ायदे

नारियल तेल

नारियल के तेल का प्रयोग आयुर्वेद में वर्षों से औषधियों के लिए किया जाता रहा है।  नारियल तेल का प्रयोग स्किन से लेकर अन्य अनेक बीमारियों में भी प्रयोग किया जाता है। नारियल के तेल में  माइक्रोबीएल व एंटीफंगल तथा एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जिसे दाद से प्रभावित क्षेत्र पर नारियल का तेल प्रतिदिन लगाने से दाद बहुत जल्दी ठीक हो जाता है।  दाद की खुजली को जड़ से इलाज से इलाज के लिए नारियल तेल का प्रयोग करते हैं। 

नारियल दाद मे असरदार

दाद को जड़ से खत्म करने की दवा cream

आयुर्वेद से करें दाद का इलाज

बाजार में दाद खाज खुजली को खत्म करने की बहुत सारी daad ki cream उपलब्ध है, जिनमें से कुछ उपयोगी व अधिक कारगर भयंकर दाद खाज की दवा cream निम्नलिखित हैं, जिनका प्रयोग करके आप दाद की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।  ये daad ki cream बाजार मे आसानी से उपलब्ध हैं

  • पीलेक्स फोर्टो Felix photo
  • फंगी क्रॉस क्रीम fungi cross cream
  • हिमालय एंटीसेप्टिक Himalaya antiseptic
  • लुलीगी क्रीम Luigi cream
  • सिपलाडिन cipladine
  • क्लीन एंड ड्राई क्रीम clean and dry cream
  • डर्मिफोर्ड क्रीम dermiford cream
  • किस्किन स्किन एंड इनफेक्शन केयर क्रीम skin and infection care cream

दाद को जड़ से खत्म करने की दवा

दाद एक वायरल व फंगल इंफेक्शन है।  दाद को  खत्म करने के लिए कुछ एंटीवायरल व एंटीफंगल टेबलेट के नाम दिए गए हैं, यह शरीर में हर्पीज़ वायरस की वृद्धि और फैलाव को धीमा करती है।  इससे हर्पीज का संक्रमण रुकता है, और इससे इन्फेक्शन दूसरों तक जाने से रुकेगा। 

दाद की दवा

  • क्लोट्रिमाजोल (clotrimazole)
  • इकोनाजोल (econazole)
  • माइकोनाजोल (miconazole)
  • टर्बिनाफिन (terbinafine)
  • फ्लुकोनाजोल (fluconazole)
  • कीटोकोनाजोल (ketoconazole)
  • एंफोटेरिसिन (amphotericin)

उपर्युक्त dad khaj khujali ki dava के प्रयोग से पहले अपने डॉक्टर से मिले वह किस प्रकार का फंगल है, इसकी जानकारी दें डॉक्टर आपको जो दवा खाने की सलाह दें उस दाद की दवा का प्रयोग करें, बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दाद की टेबलेट ना लें।  

दाद की होम्योपैथिक दवा

कुछ होम्योपैथिक भयंकर दाद खाज की दवा का प्रयोग करके दाद खाज खुजली को जड़ से खत्म किया जा सकता है।  यह होम्योपैथिक दवाइयां आप अपने डॉक्टर की सलाह से ले सकते हैं ये कुछ होम्योपैथिक दवाओं की दाद रोग निदान में महत्व पूर्ण भूमिका है।  

दाद मे असर दार

  • आर्सेनिक एल्बम
  • दुल्कामारा
  • नेट्रम म्यूरीएटिकम
  • सोरीनम
  • सीपिया
  • सल्फर

दाद की आयुर्वेदिक दवाइयां

यदि आप दाद को जड़ से खत्म करने की दवा cream का उपयोग करते-करते हैं थक गए हैं, और आपको दाद से कोई भी फायदा नहीं मिल रहा है, तो आप निम्नलिखित आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग अपने डॉक्टर की सलाह से कर सकते हैं।  इनका शरीर पर कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है यह दवाइयां बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं।  

  • किशोर गूगल वटी
  • आरोग्य वर्धिनी रस वटी
  • अविपत्तिकर रस वटी
  • मंजिस्ठा वटी
  • पंचनिम्ब वटी
  • गोखरू घन वटी
  • वासा घन वटी
  • त्रिफला गूगल
  • वासादी वटी
  • असन्दी घन वटी
  • स्किन केप

दाद में परहेज या सावधानियां

  • भोजन में ज्यादा लवण, खट्टे, तीखे पदार्थो का सेवन कम करें।
  • दाद से बचने के लिए त्वचा को शुष्क रखें। 
  • यदि दाद का इंफेक्शन हो जाए तो दही का प्रयोग ना करें। 
  • ज्यादा टाइट कपड़े ना पहने।  
  • ज्यादा मसालेदार भोज पदार्थों का सेवन ना करें। 
  •  पर्याप्त नींद लें व सुबह जल्दी उठे। 
  •  इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत रखने वाले भोज पदार्थों का सेवन करें।  
  • दाद से प्रभावित क्षेत्र के संपर्क में ना आएं। 

दाद एक प्रकार का फंगल  इंफेक्शन है, जो नमी या विभिन्न प्रकार के भोज पदार्थों की कमी के कारण शरीर की त्वचा पर उत्पन्न होने वाला एक प्रकार का रोग है, उपर्युक्त लेख में दाद को जड़ से खत्म करने की दवा व सावधानियों का वर्णन किया गया है।  यदि आप अपने डॉक्टर की सलाह से नियमित रूप से इन दवाओं तथा सावधानियों का उपयोग करते हैं तो निश्चित रूप से आप दाद जैसे भयानक स्किन प्रॉब्लम से छुटकारा पा सकते हैं।  उपर्युक्त लेख में पुराने से पुराने दाद की दवा बताइए गए हैं जिनका प्रयोग करके आप अपनी त्वचा को सुरक्षित कर सकते हैं। 

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